Sunday, August 25, 2013

Sunday, April 18, 2010

एक बार..

एक बार मुझे बहोत दुःख हुआ एक औरत को दुखी देख कर की उसके साथ कितना भेदभाव होता है इस पुरुष प्रधान देश में , लेकिन उससे भी जायदा दुःख तब हुआ जब जाना की वह औरत किसी पुरुष द्वारा प्रताड़ित नही थी बल्कि एक औरत द्वारा ही वह इस समाज में दुहरा दर्जा पाने के लिए मजबूर थी । वो और उसके भाई के बीच में हमेशा फर्क किया जाता उसे हमेशा यह समझया जाता की तू लड़की है तुझे ही हर चीज़ की समझ रखनी चाहिए वो भी किसी और के द्वारा नही बल्कि एक माँ के द्वारा यह कहा जाता था। कुछ समय बाद जब उसका विवाह हुआ तो सास के रूप में उसे फिर एक औरत मिली जो की भेद-भाव करने में गुणों की खान थी औरत को ऐसे रहना चाहीये ये पहनो वो मत पहनो ..एसे रहो , शीशी ढाकों , सब कुछ वही निर्णय करती थी ये छोटी छोटी बातों से औरत को बांध लिया जाता और ये सिखया जाता की संस्कृति और सभ्यता को सभालने की जिम्मेदारी उस औरत की ही है आदमी तो शुरू से वैसा ही रहता है जैसे वह शादी के पहले था न उसे कोई निश्चित वेशभूषा पहने का दबाव और न ही संकृति लादने की जिम्मेदारी वह बचपन से ही आजाद था और औरत शुरू से ही दुसरो की इक्षाओं की गुलाम ,पहले उसे अपनी ही माँ ने समझोता करना सिखया फिर तो सास दुसरे की माँ है क्यूँ नही करेगी और एक दिन जब वही औरत माँ बन जाये तो वो भी यही करेगी जो दुसरो ने उसके साथ किया ....अगर औरत को अपना विकाश करना है तो अपने आप को बदलना होगा पहले खुद को आजाद करो संकीर्ण विचारो से फिर देखो कोई कैसेतुम्हे गुलाम बनता है। आजाद और खुशहाल वही होता है जो दूसरो की आज़ादी नहीं छीनता इसलिए आजाद रहो और रहने दो का रास्ता अपनाओ और उन्नति का रास्ता प्रश्सस्त करो। इसी में सब की भलाई है और देश की.

Monday, February 16, 2009

Umeed

rishton ki garmi se dil pighltain hai, bichde hue rahi bhi ek din milte hai!
rakhna bas ummedon ka silsila , na jane kaun se mode pe wo milte hain!!
rahein badal jayen to gam na karna , har rah pe dil ajij milte hai !
roshan hote hain jinke ane se ghar, wo fakeer jamane me aaj bhi milte hai !!

Thursday, January 15, 2009

Bejuban

use bejuban ki khani, khega kaun sayani

admiyat ke kahar ne kiya hai jeena mushkil

rhe na pehle jaise wo jangal noorani

wo kat gye khusi me,ham de rhe the tali

use bejuban ki khani , kahega kaun sayani

masumiyat thi jisme,nam janwar hai

havaniyat hai jisme, nam admi hai